गाजियाबाद। आखिरकार दिल्ली से मेरठ के बीच हाई स्पीड ट्रेन का रास्ता साफ हो गया। लखनऊ में मंगलवार को जीडीए अधिकारियों की मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता के साथ रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के अंतर्गत प्रस्तावित हाईस्पीड ट्रेन के संबंध में बैठक हुई। जीडीए अधिकारियों ने हाई स्पीड ट्रेन परियोजना का फाइनल प्रजेंटेशन दिया। प्रस्तुतीकरण से संतुष्ट मुख्य सचिव ने प्रोजेक्ट को कुछ संशोधनों के साथ हरी झंडी दे दी। नए संशोधन में पहले प्रस्तावित 14 स्टेशनों की बजाय अब 16 स्टेशन बनाए जाएंगे।
वैशाली तक मेट्रो प्रोजेक्ट के बाद जीडीए ने अपेक्षाकृत कम लागत वाले रैपिड ट्रांसपोर्ट का खाका खींचा था। इसके बाद जीडीए लगातार हाईस्पीड ट्रेन परियोजना को मूर्त रूप देने का प्रयास कर रहा था। आरआरटीएस के अंतर्गत हाईस्पीड टे्रन आनंद विहार से गाजियाबाद होते हुए मेरठ तक प्रस्तावित है। करीब 76 किलोमीटर लंबी दूरी को हाईस्पीड ट्रेन से 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
आनंद विहार, साहिबाबाद, मोहन नगर, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर, मेरठ दक्षिण, शताब्दी नगर (मेरठ), मेरठ मध्य, बेगम पुल, मेरठ नार्थ, मोदीपुरम एवं शास्त्रीनगर में स्टेशन बनाए जाएंगे।
हाईस्पीड ट्रेन परियोजना में जीडीए, आवास विकास, मेरठ विकास प्राधिकरण, रेलवे, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी समेत 13 विभाग शामिल हैं। लखनऊ से जीडीए उपाध्यक्ष एनके चौधरी ने बताया कि हाईस्पीड टे्रन को शासन ने मंजूरी दे दी है। अब आगे की प्रक्रिया केलिए प्रोजेक्ट से जुड़े विभागों के बीच एमओयू बनाया जाएगा। हाईस्पीड पर करीब 21,000 करोड़ की लागत आ रही है। कोशिश होगी कि जल्द ही हाईस्पीड ट्रेन परियोजना का काम शुरू हो जाए।
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13 विभाग मिलकर तय करेंगे एमओयू
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स्टेशनों की संख्या 14 से बढ़कर हुई 16 Source>>>

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