125 करोड़ रुपये की भूमि पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया था
ग्रेटर नोएडा। चुनावी व्यवस्था में प्रशासन की व्यस्तता का फायदा भूमाफिया उठा रहे हैं। अब भूमाफियाओं की नजर फेस-2 की तरफ भी पहुंच गई है। मंगलवार को प्राधिकरण के अतिक्रमण दस्ते ने अभियान चलाकर अधिसूचित क्षेत्र की 50 हेक्टेयर जमीन पर आधा दर्जन काटी जा रही कालोनियों को ध्वस्त कर दिया। जमीन की कीमत 125 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्राधिकरण की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मालूम हो कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के फेस वन में 36 हजार हेक्टेयर जमीन की प्लानिंग हो चुकी है और ज्यादातर जमीन अधिग्रहीत करके आवंटित की जा चुकी है। इसके बाद फेस-2 क्षेत्र में 55 हजार हेक्टेयर जमीन है। पूरी जमीन अधिसूचित क्षेत्र में हैं और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी नहीं शुरू हुई है। अभी तक फेस वन में हो रहे अतिक्रमण के चलते प्राधिकरण परेशान था। क्योंकि सूरजपुर, कुलेसरा, शाहबेरी, देवला समेत आधा दर्जन गांव ऐसे हैं जहां पर अवैध कालोनियां बस चुकी हैं और प्राधिकरण लाख कोशिश करने के बाद भी उन्हें हटा नहीं पा रहा है। प्राधिकरण ने जब सख्ती की तो अब भूमाफियाओं ने फेस-2 की तरफ नजर दौड़ा दी।
प्राधिकरण डीसीईओ अखिलेश सिंह के निर्देश पर मंगलवार को प्राधिकरण अतिक्रमण दस्ता, पुलिस और प्रशासन की टीम धूममानिकपुर गांव पहुंची। वहां पर सूचना मिली थी कि भूमाफियाओं ने अवैध रूप से कालोनियां काटनी शुरू कर दी है। खसरा नंबर 272, 261, 508, 1806,1909 और 1910 समेत 17 खसरा नंबरों पर वायु सेना एंक्लेव, वायु विहार, कृष्णा एंक्लेव, मार्डन रेलवे सिटी, नीलकंठ एंक्लेव, महालक्ष्मी और अन्नू एंक्लेव के नाम से कालोनियां काटी जा रही थीं। खेती की जमीन पर बाउंड्री बाल बनाकर सड़क तैयार कर ली और उसके दोनों ओर प्लाटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण ने आरोपितों को चिह्नित करके रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
धूममानिकपुर गांव में अवैध निर्माण को ढहाता बुलडोजर। Source>>>

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